18 फरवरी से 2000 रुपये से ऊपर के लेन-देन पर नए नियम लागू ,जानकर करोड़ो लोगो के उड़े होश।
आज 16 फरवरी 2026 से UPI भुगतान पर 2000 रुपये से अधिक के वॉलेट-आधारित मर्चेंट ट्रांजेक्शन के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। NPCI के दिशानिर्देशों के तहत 1.1% तक का इंटरचेंज फीस मर्चेंट को देना होगा, ग्राहक पर कोई असर नहीं।
नए नियम क्या हैं
वॉलेट (जैसे PhonePe, Google Pay) से 2000 रुपये से ऊपर का P2M (व्यक्ति से मर्चेंट) भुगतान पर 1.1% शुल्क लगेगा। उदाहरण: 5000 रुपये पर करीब 55 रुपये मर्चेंट वहन करेगा। बैंक अकाउंट से सीधा UPI पेमेंट निःशुल्क रहेगा। छोटे लेनदेन या P2P (व्यक्ति से व्यक्ति) पर कोई बदलाव नहीं।
व्यापारियों पर प्रभाव
दुकानदारों की लागत बढ़ेगी, इसलिए वे बैंक अकाउंट से पेमेंट को प्राथमिकता देंगे। दैनिक UPI लिमिट सामान्यतः 1 लाख रुपये, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, IPO आदि में 5 लाख तक। कुछ P2M में 10 लाख तक बढ़ाई गई।
उद्देश्य और सलाह
NPCI का लक्ष्य डिजिटल पेमेंट को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। ग्राहक बड़े भुगतान के लिए बैंक लिंक UPI इस्तेमाल करें ताकि कोई छिपा शुल्क न हो।